Friday, August 29, 2025
Sunday, May 12, 2024
Raj Comics Forums (2006-2012)
Sanjay Singh - "इस अप्रैल फारम को बंद हुए पूरे 12 साल हो गए। फेसबुक के भारत मे लोकप्रिय होने से पहले फारम पर राज कामिक्स के फैन्स विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करते थे। साथ ही कितने ही लोग इस के जरिए आपस मे जुडे और फिर उनकी दोस्ती कामिक्सों पर चर्चा तक ही सीमित ना रही। मैं भी उन्हीं मे से एक हूं।
फारम की शुरुआत 2006 मे हूई थी। उस समय प्रकाशित हुई कामिक्सों मे ग्रीन पेज के अंदर फारम से जुडने के लिए भी कहा गया था। कुछ कामिक्सों मे फारम की पोस्टस भी डाली गई। वर्तमान* मे आप फारम पोस्ट्स को देख सकते है। उस समय जो फैन/पाठक फारम से जुडे (1st Generation) वो सबसे ज्यादा भाग्यशाली रहे। क्योंकि उनके विचार और सुझाव पर राज कामिक्स ने काम भी किया। इसका उदाहरण आतंकहर्ता नागराज की वापिसी है। इसका सुझाव भी एक फैन ने ही दिया था।
मैंने फारम अगस्त 2008 मे ज्वाईन किया था (2nd Generation)। तब तक बहुत सारे विष्यों पर चर्चा हो चुकी थी। फिर भी अगले 3-4 साल तक फारम पर सक्रिय रहा। लेकिन 2011 से बहुत से कामिक फैन फेसबुक यूज करने लगे। और फेसबुक पर ही अब कामिक ग्रुप पर सारी बाते होने लगी। साथ ही 2008 से राज कामिक्स ने भी फारम यूजर्स के सुझावों और बातो को ज्यादा प्राथमिक्ता देनी बंद कर दी थी। अब ज्यादातर केज्यूल डिस्कशन ही हो रहे थे जो कभी-कभी झगडे का रूप भी ले लेते थे।
अप्रैल 2012 मे फारम को बंद कर दिया। शुरु मे राज कामिक्स टीम की तरफ से कहा गया की ये बंद नही हुआ है। वेबसाईट मे कुछ बदलाव किए जा रहे है और ये दोबार से शुरू हो जाएगा। लेकिन उसी महीनें मे ये पक्का हो गया कि फारम अव बंद हो गया। जून 2012 मे मैं कुछ कामिक फैन्स के साथ संजय जी से मिलने बुराडी गया। वहां पर हमने फारम को बंद करने के बारे मे भी बात करी। इस पर संजय जी ने कहा कि मनीष जी तो इसे 2010 मे ही बंद कर देना चाहते थे। हमने जैसे-तैसे इसे 2 साल तक और चलाया। फारम बंद करने की वजह यही थी कि अब लोग फेसबुक पर ही सब बाते कर लेते है। फारम पर ट्रैफीक कम हो गया था। ज्यादातर डिस्कशन अक्सर आफ टापिक हो जाते थे। और फिर इसे देखने के लिए भी लोगों की जरूरत रहती थी। वो भी अब कम ही उपलब्ध रह पाते थे। इन्ही सब कारणों के चलते इसे बंद करना पडा। फिर शायद साल के आखिरी मे एक नया फारम आया। लेकिन इसमे हमारे पुराने पोस्ट नही थे। ये कुछ ही समय मे बंद भी हो गया।
जो लोग फारम से जुडे थे, खासतौर पर जो अंत तक जुडे रहे, उनके लिए फारम का जाना ऐसा ही था जैसे उन्होंने अपने जीवन का एक हिस्सा खो दिया हो। वो लोग उससे भावनात्मक रुप से जुडे हुए थे। फारम पर पोस्ट्स के अलावा, ब्लाग, स्टोरी, इत्यादी और भी चीजे थी जहां फारम मैम्बर निरंतर अपना योग्दान देते रहते थे। ये सब एक झटके मे ही चला गया। और किसी को बैकअप लेने का मौका भी नही दिया गया। मैं किसी तरह अभी फारम की पुरानी पोस्ट्स को वैसे ही देख लेता हूं। ये इमेज भी इसे ही देख रहा हूं। ये 14 अप्रैल 2012 की है। तब फारम बंद हो गया था और उसे ओपन करने ये मैसेज आता था।
'This board has no forums'
* वर्तमान के रिप्रिंट मे आपको फारम पोस्टस देखने को नही मिलेगी। सिर्फ ओरिजिनल प्रिंट (2006) मे ही ये उपलब्ध है।
PS: 1st and 2nd Generation मैने अपनी समझ से परिभाषित किए है। कृपा अन्यथा ना ले।"
Tuesday, April 23, 2024
Fiction Comics Universe, published and upcoming titles
Fiction Comics India deserves praise for its prolific publication of diverse comics featuring a multitude of characters and genres within just a few years.
While Fiction Comics has made significant strides in publishing diverse comics, there is always room for improvement, particularly in enhancing the quality of storytelling.
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Monday, April 22, 2024
कॉमिक्स के पार्सल... - शिवांश भटनागर
शिवांश भटनागर के विचार - "सच में। क्या दिन थे वो भी जब ऐसे हरे पीले नीले पार्सल भारतीय डाक से घर पर आया करते थे। एक अलग ही फीलिंग थी, राजकॉमिक्स साइट से मनपसंद कॉमिक्स की छटनी करना, उन्हें ऑर्डर करना फिर पलकें बिछा कर उनका इंतजार करना। मैं हर सेट राजकॉमिक्स साइट से ही ऑर्डर करता था, क्योंकि तब कोई दूसरा ऑनलाइन सेलर भी नही था। मैने अपने आप से पहले बार अगर ऑनलाइन पेमेंट करके कुछ मंगाया तो वो कॉमिक्स ही थी। 2009 में पहली बार ऑर्डर किया जिसमें अमेजिंग फ्रेंड्स ऑफ नागराज की कॉमिक्स थी योद्धा के स्वर्ग पात्र सीरीज के साथ जो की मैने चाचा के क्रेडिट कार्ड से मंगाई थी। उसके बाद कई सालो तक मनी ऑर्डर से कॉमिक्स मंगाई, ये भी एक अलग ही कारनामा था, पोस्ट ऑफिस जाके मनी ऑर्डर करना और फिर उसकी रसीद राजकॉमिक्स को भेजना जिसके बाद वो ऑर्डर स्टेटस कंफर्म कर देते थे। 2013 तक ऐसे किया और उसके बाद बैंक अकाउंट खुलवा कर खुदका कार्ड लिया और तबसे ऑनलाइन पेमेंट करना शुरू किया। ये सिलसिला 2019 तक चला बालचरित की लास्ट कॉमिक एंड गेम के प्री ऑर्डर तक। उसके बाद ये साइट हमेशा हमेशा के लिए बंद हो गई पर वो यादें, ऑर्डर शिप होने के बाद डाकिए की राह देखने की, जीवन भर के लिए रह गईं हैं।"
Thursday, August 17, 2023
Celebrating India's 77th Independence Day in Superheroic Style!
In a stunning fusion of patriotism and comic book passion, Sanket Rajawat stole the show on India's 77th Independence Day. Dressed as the Indian superhero "Tiranga," Sanket's tricolor costume mirrored the flag's hues, embodying unity, courage, and growth.
Tuesday, February 1, 2022
In Pics: Fiction Comics opens its new office
Fiction Comics has opened a new office in Bilaspur, a city in the central Indian state of Chhattisgarh.
The launch of English comics is scheduled in 2022.
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Wednesday, September 15, 2021
भारतीय कॉमिक्स में नेपाल
एक बार नेपाल के एक मंदिर का गजुर चुराने वाला सिन एक कमिक्स मे आया तो था, लेकिन जैसे आपने कहाँ, यहीं पर आधारित कहानी नही बुनि गई शायद। जिस किस्सों का जिक्र आपने किया, उसमे ये भविष्यवाणी कि गई थी कि नेपाल का शाह वंश राजतन्त्र ’क’ अक्षर से शुरू हुवा है, प्रथम राजा का नाम कुल्मन्दन शाह था, और ये देवनागरी लिपि के आखिरी अक्षर से समाप्त हो जाएगा, यानी कि ’ज्ञ’ से, ये बात बहुत पहले से प्रचलित थी। और हुआ भी ऐसा ही, ज्ञानेन्द्र शाह आखिरी राजा साबित हुए। राजदरबार हत्याकाण्ड के बारे मे जो आपने लिखा है, बिल्कूल वैसे हि लोग दो भाग में बंटे हुए है अब तक। कमिक्स से मिलता जुलता कहानी हम बचपन से सुनते आए है, हमारे यहाँ बाबा गोरखनाथ का मंदिर भी है, वो गुरु थे राजा पृथ्वी नारायण शाह के। एक बार उन्होंने झूठी दहि राजा को दिया और खाने को कहा। लेकिन राजा ने खाने के बजाए नीचे फेक दिया, जो खुद अपने पैरों पर पड़ी। तब गुरु गोरखनाथ ने कहा, अगर दहि खालेते तो जो तुम बोलते वो सच् हो जता, लेकिन अपने पैरों पर दहि डाल लिया तुमने, खैर, अब जहाँ जहाँ तुम्हारे पैर पड़ेंगे वो तुम्हारी हो जाएगी। और हुवा भी वैसे हि, राजा पृथ्वी नारायण शाह ने छोटे छोटे राज्यों पर जीत हासिल करके बिशाल नेपाल का निर्माण किया। किवदंतियों से बाहर भी आतंकबाद के खिलाफ कि प्लट के लिए देखा जाए तो ११ साल यहाँ आन्तरिक द्वंद उत्कर्ष पर था। इसके साथ्सा-थ्, सब लोग स्विट्ज़रलैंड को तो देखते हि है, पर बहुत कम लोग जानते है नेपाल खुद एशिया का स्विट्ज़रलैंड कहलाता है। सिद्धार्थ गौतम जो बाद मे गौतम बुद्ध बने, वो यहीं पैदा हुवे, राजा जनक और सीता यहि पैदा हुवे, माउण्ट एभरेस्ट यहीं पर है। तो जो आप ने कही है, बिल्कूल सहि पक्डे है, दिया के नीचे अन्धेरा। यहाँ के प्लट पर भी अच्छी कमिक्स कहानी बनसक्ति है, mythology, geographic, historic, or general, whichever be the area of story."
Saturday, January 16, 2021
Tuesday, November 27, 2018
Fourth Annual Tinkle Awards
Saturday, April 16, 2016
Interview with Akshay Dhar (Meta Desi Comics) - हिंदी साक्षात्कार
Tuesday, March 8, 2016
Flintlock Book 1
Saturday, November 28, 2015
Character Bio
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*) - Inspector Steel
Inspector Amar lost some major parts of his body after an accident. In order to save his life, his brain was placed into a mechanical body; making him a cyborg. His friend, Professor Anees, was the one who performed this operation.
Inspector Steel is composed of armor plating, ICs, chips, various weapon systems, and electronic wizardry. The only human part within him is his brain, which is wired to the rest of the systems.
He is a heavily armored cyborg who cannot be harmed by simple weapons. He has x-ray vision, a fully automatic bullet and rocket firing Megagun, scanners and many digital equipments such as a lie detector machine, fax etc. built in. Normal bullets and bombs can not harm him. His body is completely resistive to any outside interference.



























