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Sunday, May 12, 2024

Raj Comics Forums (2006-2012)

 Sanjay Singh - "इस अप्रैल फारम को बंद हुए पूरे 12 साल हो गए। फेसबुक के भारत मे लोकप्रिय होने से पहले फारम पर राज कामिक्स के फैन्स विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करते थे। साथ ही कितने ही लोग इस के जरिए आपस मे जुडे और फिर उनकी दोस्ती कामिक्सों पर चर्चा तक ही सीमित ना रही। मैं भी उन्हीं मे से एक हूं।

फारम की शुरुआत 2006 मे हूई थी। उस समय प्रकाशित हुई कामिक्सों मे ग्रीन पेज के अंदर फारम से जुडने के लिए भी कहा गया था। कुछ कामिक्सों मे फारम की पोस्टस भी डाली गई। वर्तमान* मे आप फारम पोस्ट्स को देख सकते है। उस समय जो फैन/पाठक फारम से जुडे (1st Generation) वो सबसे ज्यादा भाग्यशाली रहे। क्योंकि उनके विचार और सुझाव पर राज कामिक्स ने काम भी किया। इसका उदाहरण आतंकहर्ता नागराज की वापिसी है। इसका सुझाव भी एक फैन ने ही दिया था।

मैंने फारम अगस्त 2008 मे ज्वाईन किया था (2nd Generation)। तब तक बहुत सारे विष्यों पर चर्चा हो चुकी थी। फिर भी अगले 3-4 साल तक फारम पर सक्रिय रहा। लेकिन 2011 से बहुत से कामिक फैन फेसबुक यूज करने लगे। और फेसबुक पर ही अब कामिक ग्रुप पर सारी बाते होने लगी। साथ ही 2008 से राज कामिक्स ने भी फारम यूजर्स के सुझावों और बातो को ज्यादा प्राथमिक्ता देनी बंद कर दी थी। अब ज्यादातर केज्यूल डिस्कशन ही हो रहे थे जो कभी-कभी झगडे का रूप भी ले लेते थे।

अप्रैल 2012 मे फारम को बंद कर दिया। शुरु मे राज कामिक्स टीम की तरफ से कहा गया की ये बंद नही हुआ है। वेबसाईट मे कुछ बदलाव किए जा रहे है और ये दोबार से शुरू हो जाएगा। लेकिन उसी महीनें मे ये पक्का हो गया कि फारम अव बंद हो गया। जून 2012 मे मैं कुछ कामिक फैन्स के साथ संजय जी से मिलने बुराडी गया। वहां पर हमने फारम को बंद करने के बारे मे भी बात करी। इस पर संजय जी ने कहा कि मनीष जी तो इसे 2010 मे ही बंद कर देना चाहते थे। हमने जैसे-तैसे इसे 2 साल तक और चलाया। फारम बंद करने की वजह यही थी कि अब लोग फेसबुक पर ही सब बाते कर लेते है। फारम पर ट्रैफीक कम हो गया था। ज्यादातर डिस्कशन अक्सर आफ टापिक हो जाते थे। और फिर इसे देखने के लिए भी लोगों की जरूरत रहती थी। वो भी अब कम ही उपलब्ध रह पाते थे। इन्ही सब कारणों के चलते इसे बंद करना पडा। फिर शायद साल के आखिरी मे एक नया फारम आया। लेकिन इसमे हमारे पुराने पोस्ट नही थे। ये कुछ ही समय मे बंद भी हो गया।

जो लोग फारम से जुडे थे, खासतौर पर जो अंत तक जुडे रहे, उनके लिए फारम का जाना ऐसा ही था जैसे उन्होंने अपने जीवन का एक हिस्सा खो दिया हो। वो लोग उससे भावनात्मक रुप से जुडे हुए थे। फारम पर पोस्ट्स के अलावा, ब्लाग, स्टोरी, इत्यादी और भी चीजे थी जहां फारम मैम्बर निरंतर अपना योग्दान देते रहते थे। ये सब एक झटके मे ही चला गया। और किसी को बैकअप लेने का मौका भी नही दिया गया। मैं किसी तरह अभी फारम की पुरानी पोस्ट्स को वैसे ही देख लेता हूं। ये इमेज भी इसे ही देख रहा हूं। ये 14 अप्रैल 2012 की है। तब फारम बंद हो गया था और उसे ओपन करने ये मैसेज आता था।

'This board has no forums'

* वर्तमान के रिप्रिंट मे आपको फारम पोस्टस देखने को नही मिलेगी। सिर्फ ओरिजिनल प्रिंट (2006) मे ही ये उपलब्ध है।

PS: 1st and 2nd Generation मैने अपनी समझ से परिभाषित किए है। कृपा अन्यथा ना ले।"

Tuesday, April 23, 2024

Fiction Comics Universe, published and upcoming titles

 

Fiction Comics India deserves praise for its prolific publication of diverse comics featuring a multitude of characters and genres within just a few years. 

While Fiction Comics has made significant strides in publishing diverse comics, there is always room for improvement, particularly in enhancing the quality of storytelling.










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Monday, April 22, 2024

कॉमिक्स के पार्सल... - शिवांश भटनागर

शिवांश भटनागर के विचार - "सच में। क्या दिन थे वो भी जब ऐसे हरे पीले नीले पार्सल भारतीय डाक से घर पर आया करते थे। एक अलग ही फीलिंग थी, राजकॉमिक्स साइट से मनपसंद कॉमिक्स की छटनी करना, उन्हें ऑर्डर करना फिर पलकें बिछा कर उनका इंतजार करना। मैं हर सेट राजकॉमिक्स साइट से ही ऑर्डर करता था, क्योंकि तब कोई दूसरा ऑनलाइन सेलर भी नही था। मैने अपने आप से पहले बार अगर ऑनलाइन पेमेंट करके  कुछ मंगाया तो वो कॉमिक्स ही थी। 2009 में पहली बार ऑर्डर किया जिसमें अमेजिंग फ्रेंड्स ऑफ नागराज की कॉमिक्स थी योद्धा के स्वर्ग पात्र सीरीज के साथ जो की मैने चाचा के क्रेडिट कार्ड से मंगाई थी। उसके बाद कई सालो तक मनी ऑर्डर से कॉमिक्स मंगाई, ये भी एक अलग ही कारनामा था, पोस्ट ऑफिस जाके मनी ऑर्डर करना और फिर उसकी रसीद राजकॉमिक्स को भेजना जिसके बाद वो ऑर्डर स्टेटस कंफर्म कर देते थे। 2013 तक ऐसे किया और उसके बाद बैंक अकाउंट खुलवा कर खुदका कार्ड लिया और तबसे ऑनलाइन पेमेंट करना शुरू किया। ये सिलसिला 2019 तक चला बालचरित की लास्ट कॉमिक एंड गेम के प्री ऑर्डर तक। उसके बाद ये साइट हमेशा हमेशा के लिए बंद हो गई पर वो यादें, ऑर्डर शिप होने के बाद डाकिए की राह देखने की, जीवन भर के लिए रह गईं हैं।"

Thursday, August 17, 2023

Celebrating India's 77th Independence Day in Superheroic Style!

 

In a stunning fusion of patriotism and comic book passion, Sanket Rajawat stole the show on India's 77th Independence Day. Dressed as the Indian superhero "Tiranga," Sanket's tricolor costume mirrored the flag's hues, embodying unity, courage, and growth.


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Tuesday, February 1, 2022

In Pics: Fiction Comics opens its new office

 

Fiction Comics has opened a new office in Bilaspur, a city in the central Indian state of Chhattisgarh.

The launch of English comics is scheduled in 2022.



Fiction Comics Mascots


Artist brother Sushant Panda and Basant Panda




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Wednesday, September 15, 2021

भारतीय कॉमिक्स में नेपाल


कहानियों में जब विश्व-भ्रमण या एडवेंचर की बार आती है, तो हम अक्सर अमेरिका-यूरोप और कुछ किरदारों के लिए अफ़्रीका तक सिमट कर रह जाते हैं। इस क्रम में हम कुछ देशों को भूल जाते हैं (या शायद विदेश मानते ही नहीं)। जैसे कि हमारा पड़ोसी और खास संस्कृति, अलग पहचान वाला नेपाल। वहां के अपने कई किस्से, किवदंतियां प्रचलित हैं जिन्हें कहानियों में पिरोया जा सकता है, लेकिन यहां घर के बगल की मुर्गी भी दाल बराबर होने की वजह से नेपाल को लगभग अनदेखा किया गया है। एक उदाहरण देता हूं, वैसे तो यह एक दुखद घटना है पर माफ़ी के साथ इसे यहां लिख रहा हूं। 
1 जून 2001 को, नेपाल राजघराने के कई सदस्यों की हत्या कर दी गई, इसमें राजकुमार दीपेंद्र को दोषी माना गया, लेकिन कई लोग ऐसा मानते हैं कि ये हत्याएं राजगद्दी के लिए आंतरिक साजिश या चीन, अमेरिका या भारत जैसी बाहरी ताकतों के इशारों पर हुईं। Conspiracy theories की मानें, तो जिस महल में हत्याएं हुईं वहां राजकुमार दीपेंद्र का मास्क पहने कई लोग गोलियां चला रहे थे, बल्कि दीपेंद्र को सबसे पहले गोली लगी थी। इससे काफ़ी पहले राजकुमार दीपेंद्र एक अन्य राजघराने की देवयानी राणा से शादी करना चाहते थे, लेकिन दीपेंद्र के परिवार के लोग इसके विरुद्ध थे। इस वजह से यह हत्याकांड हुआ।
एक किवदंती यह भी है कि 10-11 पीढ़ी पहले नेपाली राजा जंगल में घूम रहे थे जहां किसी बात पर एक ऋषि ने उन्हें श्राप दिया कि 10 पीढ़ियों बाद तुम्हारा राज और वंश ख़त्म हो जाएगा। नेपाल की ऐसी ही कितनी बातें हमें पता ही नहीं, लेकिन हमें तो ऑब्वियस कांसेप्ट को इतनी बार दोहराना है जब तक वह घिस न जाए। 
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इस बारे में नेपाल के ही शरद बताते हैं - "
एक बार नेपाल के एक मंदिर का गजुर चुराने वाला सिन एक कमिक्स मे आया तो था, लेकिन जैसे आपने कहाँ, यहीं पर आधारित कहानी नही बुनि गई शायद। जिस किस्सों का जिक्र आपने किया, उसमे ये भविष्यवाणी कि गई थी कि नेपाल का शाह वंश राजतन्त्र ’क’ अक्षर से शुरू हुवा है, प्रथम राजा का नाम कुल्मन्दन शाह था, और ये देवनागरी लिपि के आखिरी अक्षर से समाप्त हो जाएगा, यानी कि ’ज्ञ’ से, ये बात बहुत पहले से प्रचलित थी। और हुआ भी ऐसा ही, ज्ञानेन्द्र शाह आखिरी राजा साबित हुए। राजदरबार हत्याकाण्ड के बारे मे जो आपने लिखा है, बिल्कूल वैसे हि लोग दो भाग में बंटे हुए है अब तक। कमिक्स से मिलता जुलता कहानी हम बचपन से सुनते आए है, हमारे यहाँ बाबा गोरखनाथ का मंदिर भी है, वो गुरु थे राजा पृथ्वी नारायण शाह के। एक बार उन्होंने झूठी दहि राजा को दिया और खाने को कहा। लेकिन राजा ने खाने के बजाए नीचे फेक दिया, जो खुद अपने पैरों पर पड़ी। तब गुरु गोरखनाथ ने कहा, अगर दहि खालेते तो जो तुम बोलते वो सच् हो जता, लेकिन अपने पैरों पर दहि डाल लिया तुमने, खैर, अब जहाँ जहाँ तुम्हारे पैर पड़ेंगे वो तुम्हारी हो जाएगी। और हुवा भी वैसे हि, राजा पृथ्वी नारायण शाह ने छोटे छोटे राज्यों पर जीत हासिल करके बिशाल नेपाल का निर्माण किया। किवदंतियों से बाहर भी आतंकबाद के खिलाफ कि प्लट के लिए देखा जाए तो ११ साल यहाँ आन्तरिक द्वंद  उत्कर्ष पर था। इसके साथ्सा-थ्, सब लोग स्विट्ज़रलैंड को तो देखते हि है, पर बहुत कम लोग जानते है नेपाल खुद एशिया का स्विट्ज़रलैंड कहलाता है। सिद्धार्थ गौतम जो बाद मे गौतम बुद्ध बने, वो यहीं पैदा हुवे, राजा जनक और सीता यहि पैदा हुवे, माउण्ट एभरेस्ट यहीं पर है। तो जो आप ने कही है, बिल्कूल सहि पक्डे है, दिया के नीचे अन्धेरा। यहाँ के प्लट पर भी अच्छी कमिक्स कहानी बनसक्ति है, mythology, geographic, historic, or general, whichever be the area of story.
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कुछ मुख्य कॉमिक्स जिनमें नेपाल का बैकड्रॉप था या नेपाली किरदार थे -
रूहों का शिकंजा (सुपर कमांडो ध्रुव)
बौना शैतान (नागराज)

Tuesday, November 27, 2018

Fourth Annual Tinkle Awards


Tinkle Awards 2018
Visit http://bit.ly/TinkleAwards and vote for your favourite Tinkle Toon, cover, issue and more! #comics #awards #tinkle #magazine #kids
Last Date - 10 January 2019

Saturday, April 16, 2016

Interview with Akshay Dhar (Meta Desi Comics) - हिंदी साक्षात्कार

काफी समय से कॉमिक्स जगत में सक्रीय लेखक-कलाकार-प्रकाशक अक्षय धर का मार्च 2016 में साक्षात्कार लिया। जानकार अच्छा लगा कि भारत में कई कलाकार, लेखक इतने कम प्रोत्साहन के बाद भी लगातार बढ़िया काम कर रहें हैं। पेश है अक्षय के इंटरव्यू के मुख्य अंश। - मोहित शर्मा ज़हन

Q - अपने बारे में कुछ बताएं? 
अक्षय - मेरा नाम अक्षय धर है और मैं एक लेखक हूँ। लेखन मुझे किसी भी और चीज़ से ज़्यादा पसंद है। मैं मेटा देसी कॉमिक्स प्रकाशन का संस्थापक हूँ। अपने प्रकाशन के लिए कुछ कॉमिक्स का लेखन और संपादन का काम भी करता हूँ। अपने काम में कितना सफल हूँ, यह आप लोग बेहतर बता सकते हैं। 

Q - पहले और अब आर्टिस्ट व लेखकों में क्या अंतर महसूस किया आपने?
अक्षय - कॉमिक्स के मामले में ज़्यादा अंतर नहीं लगता मुझे, क्योकि विदेशो की तुलना में भारत में कभी भी उतना विस्तृत और प्रतिस्पर्धात्मक कॉमिक्स कल्चर नहीं रहा। हाँ पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न कलाकारों, लेखकों का काम देखने को मिल रहा है। फिर भी पहले लेखकों की फोल्लोविंग अधिक थी, यह स्थिति धीरे-धीरे चित्रकारों, कलाकारों के पक्ष में झुक रही है। भारत के साथ-साथ अन्य देशो के कॉमिक इवेंट्स में लेखकों की तुलना में कलाकारों अधिक आकर्षण का केंद्र रहते हैं। अब कॉमिक्स की कहानियों और कला में बेहतर संतुलन देखने को मिल रहा है।

Q - आपके पसंदीदा कलाकार, लेखक और क्यों?
अक्षय - मेरे पसंदीदा लेखक और कलाकार पाश्चात्य प्रकाशनों से हैं क्योकि वहां जैसे प्रयोग, अनुशासन और अनुभव भारत में कम देखने को मिलते हैं। लेखकों में मैं Mark Waid, Greg Rucka, Jim Zum, Jeff Parker, Grant Morrison, Garth Ennis, Gail Simone and Warren Ellis का काम बड़े चाव से पढता हूँ। कलाकारों में Geof Darrow and J.H.Williams. हालांकि, Adam Hughes, Stjepan Sejic and Darick Robertson जैसे आर्टिस्ट्स का काम मुझे अच्छा लगता है। 

Q - अपने देश में कॉमिक्स का क्या भविष्य देखते हैं?
अक्षय - भारत में बहुत सम्भावनाएं है। कला, कहानियों-किवदंतियों-किस्सों के रूप में हमारे पास अथाह धरोहर है। हमारे इतिहास में इन कलाओं के कई उदाहरण है। इतनी संभावनाओं के होने के बाद भी आम देशवासी का नजरिया कॉमिक्स के प्रति बड़ा नकारात्मक और निराश करने वाला है। अगर लोग कॉमिक्स को बच्चों की तरह बड़ो के लिए भी माने और उनको साहित्य में जगह दें। कॉमिक्स को नकारने के बजाये एक कहानी, शिक्षा को बताने का साहित्यिक तरीका मानें, तो भारतीय कॉमिक्स बहुत जल्द बड़े स्तर पर आ जाएंगी।  

Q - इंडिपेंडेंट कॉमिक्स प्रकाशित करना इतना मुश्किल काम क्यों है?
अक्षय - भारत में इंडिपेंडेंट कॉमिक्स बनाना और प्रकाशित करना बहुत मुश्किल हैं, क्योकि - 
1. "बचकानी चीज़" कॉमिक्स की जो छवि बनी है देश के लोगो के दिमाग में वो सबसे बड़ी बाधा है। लोगो को थोड़ा लचीला होना चाहिए। 
2. दुर्भाग्यवश, पहले से ही कम कॉमिक पाठकों में अधिकतर भारतीय कॉमिक फैंस कुछ किरदारों या 2-3 प्रकाशनों के अलावा किसी नयी कॉमिक को पढ़ना पसंद नहीं करते। बैटमैन, नागराज, चाचा चौधरी पढ़िए पर नए प्रकाशनों को भी ज़रूर मौका दीजिये। 

Q - अब तक का अपना सबसे चुनौतीपूर्ण और सर्वश्रेष्ठ काम किसे मानते हैं और क्यों? 

अक्षय - ग्राउंड जीरो ऍंथोलॉजी के अंतिम 2 कॉमिक्स के बारे में सोचकर गर्व महसूस करता हूँ। यह काम दर्जन भर से अधिक उन लोगो की ऐसी टीम के साथ किया जिन्हे कॉमिक्स के बारे में कोई अनुभव नहीं था। मुझे प्रकाशन का अनुभव नहीं था फिर भी जिस स्तर की ये कॉमिक्स बनी है देख कर अच्छा लगता है। साथ ही पाठको को हर कॉमिक्स के साथ हमारे लेखन, कला में सुधार लगेगा। 

 रैट्रोग्रेड के लिए मन में एक सॉफ्टस्पॉट हमेशा रहेगा। दिल्ली में आयोजित, भारत के पहले कॉमिक कॉन में पॉप कल्चर द्वारा प्रकाशित मेरी यह कॉमिक पाठकों द्वारा काफी सराही गयी थी। यह एक बड़ी कहानी है, जिसे मैं आगे जारी करना चाहता हूँ, जिसपर विचार चल रहा है। अभी तक इवेंट्स में लोग हमारे स्टाल पर रूककर इस कॉमिक, कहानी के बारे में पूछते हैं। 

Q - मेटा देसी कॉमिक्स के अब तक के सफर के बारे मे  बताएं।
अक्षय - मेटा देसी कॉमिक्स की शुरुआत मैंने उन प्रतिभाओं को मौका देने के लिए की थी, जिनसे मैं अपने देश भर में कॉमिक इवेंट्स के दौरान मिला था। अपनी तरफ से कुछ कलाकारों, लेखकों की मदद के लिए यह कदम उठाया था। धीरे-धीरे इसका इतना विस्तार हुआ कि अब मेटा देसी की अच्छी-खासी फॉलोइंग है। ग्राउंड जीरो सीरीज में 3 कॉमिक्स आने के बाद अब हमनें पाठको की मांग पर अभिजीत किनी द्वारा बनाए गए होली हेल को अलग कॉमिक दी है। जातक माँगा के रूप में हमारी वेबसाइट पर वेबकॉमिक चल रही है। जिसमे हम बिना शब्दों का प्रयोग कर माँगा स्टाइल में जातक कथाएं बना रहें हैं। हाल ही में चेरियट कॉमिक्स के साथ मिलकर एक नयी लाइन आईसीबीएम कॉमिक्स की शुरुआत की है, जिसमे पाठको को अलग अंदाज़ में कुछ कॉमिक्स मिलेंगी। ऐसा करने से प्रकाशन में हमारा खर्च भी साझा हुआ है।

Q - कॉमिक कॉन जैसे इवेंट्स में क्या सुधार होने चाहिए?
अक्षय - कॉमिक कॉन में दोनों तरह की बातें है। एक तरफ इतने बड़े इवेंट के रूप में कई इंडिपेंडेंट पब्लिशर, रचनाकारों को एक प्लेटफार्म मिलता है, वहीं दूसरी और उनपर मर्केंडाइज, गिफ्ट आदि कंपनियों को अधिक स्टाल देकर कॉमिक इवेंट को डाइल्यूट करने की बात कही जाती है। मेरे मत में अगर प्रकाशनों से उन्हें पर्याप्त सेल नहीं मिल रही तो अपना व्यापार बनाए रखने के लिए और आगे के इवेंट्स करने के लिए उन्हें अन्य कंपनियों की ज़रुरत पड़ती है।

यह कम करने के लिए हमे इवेंट्स पर और कॉमिक्स फैंस की ज़रुरत है। जो हमारी कॉमिक्स खरीदें और हमे बताये कि हम क्या सही कर रहें है, कहाँ हम गलत हैं, किस किरदार या रचनाकार में क्या सम्भावनाएं है।

Q - भविष्य में कॉमिक्स से जुडी योजनाओं के बारे में जानकारी साझा कीजिये। 
अक्षय - अभी कुछ प्रोजेक्ट्स शुरुआती चरण में है जिनके बारे में बताना संभव नहीं। वैसे इस साल चेरियट कॉमिक्स के साथ मिलकर 3 कॉमिक्स प्रकाशित करने की योजना है। जिनमे से एक होली हल का तीसरा अंक होगा। 

Q - कई पाठक कम प्रचलित या नए प्रकाशन की कॉमिक्स, नोवेल्स और किताबे खरीदने से डरते है। उनके लिए आपका क्या संदेश है?
अक्षय - मेरा यही संदेश है कि हम लालची नहीं है, कला-कॉमिक्स और अंतहीन काल्पनिक जगत के प्रति अपने जनून के लिए कर रहें है। जैसा लोग कहते हैं सिर्फ जनून से पेट नहीं भरते इसलिए हमे आपके सहयोग और मार्गदर्शन की आवश्यकता है। यह बिल्कुल ज़रूरी नहीं कि जिस चीज़ से आप अंजान हों वह अच्छी नहीं होगी। नयी प्रतिभाओं को मौका दीजिये, कुछ नया मनोरंजन आज़मा कर देखिये.....हो सकता है आपके सहयोग से कई कलाकारों का जीवन सफल हो जाए। बहुत-बहुत धन्यवाद! 
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Tuesday, March 8, 2016

Flintlock Book 1

A regular comics anthology series with a difference - each issue will feature stories featuring a unique range of characters in an Eighteenth Century setting, co-existing in a shared historical timeline.
The Eighteenth Century (1701 to 1800) encompassed some of the most tumultuous changes in world history involving some of the of the richest personalities - and these will be the inspiration for the stories and characters that feature in Flintlock. The book will introduce us to ruthless highwaymen, fearsome pirates, noble samurai and mysterious law-enforcers - and each story will feature amazing artwork by some great comics talent.
This campaign is for the first 44 page book in the series that introduces some key characters to the Flintlock universe! (Target achieved)
The first is the title character Lady Flintlock, a very wicked lady with a supporting cast that each have their own secrets.  The art on Flintlock is by South Carolina artist Anthony Summey. He's drawn a fantastic 24 page story that not only introduces us to the Flintlock anthology's flagship character, but also sets things up nicely for more action and intrigue to come in future books (which are being planned for release twice a year).
In our second story we meet Shanti, the pirate queen of the Indian Ocean, with artwork by Italian artist Lorenzo Nicoletta.  Ruthless and beautiful, Shanti puts a new spin on the traditional pirate tropes - so anyone expecting a female Captain Jack may be in for a bit of a shock!

Saturday, November 28, 2015

Character Bio

Info about couple of Indian Origin Characters in DC Comics

Aruna is a fictional supeheroine published by DC Comics. She first appeared in Batgirl Annual # 1 (August 2000), and was created by Scott Peterson and Mike Deodato. Aruna is a metahuman who can change her physical shape and appearance at will, but not her mass. She is also trained in the martial arts. Aruna uses these abilities to work as a stunt double.
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Celsius is the superhero alias of Arani Desai, a fictional character in the DC Comics series, Doom Patrol. She first appeared in Showcase #94 (September 1977), and was created by Paul Kupperberg and Joe Staton. She is among the very few superheroes of South Asian heritage, and may be the first ever such hero created by DC Comics.
‪#‎indiancomics‬ ‪#‎comics‬ ‪#‎character‬ ‪#‎info‬ ‪#‎Celsiuscomics‬

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*) - Inspector Steel 

Inspector Amar lost some major parts of his body after an accident. In order to save his life, his brain was placed into a mechanical body; making him a cyborg. His friend, Professor Anees, was the one who performed this operation.

Inspector Steel is composed of armor plating, ICs, chips, various weapon systems, and electronic wizardry. The only human part within him is his brain, which is wired to the rest of the systems.

He is a heavily armored cyborg who cannot be harmed by simple weapons. He has x-ray vision, a fully automatic bullet and rocket firing Megagun, scanners and many digital equipments such as a lie detector machine, fax etc. built in. Normal bullets and bombs can not harm him. His body is completely resistive to any outside interference.